------- बताइए ये ब्लोगर कौन हैं? -------

पहेली २८ का सही हल- श्री समीर लाल (उड़न तस्तरी)


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विजेता हैं- श्री शरद कोकास (आपको बहुत-बहुत बधाई)
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विजेता हैं- श्री शरद कोकास (आपको बहुत-बहुत बधाई)

इनके जवाब भी सही हैं- श्री एम् वर्मा, रजिया, अजय कुमार झा, समीर लाल, राज भाटिया, पंडित.डी.के.शर्मा,अविनाश वाचस्पति, संजय बैंगाणी, मोहन वशिष्ठ, अनिल पुशाधकर !
-------------------------------------------------------(कुल प्राप्त टिप्पणियां- २५ )
-------------------------------------------------------सभी ब्लोगर भाई-बहनों से निवेदन है- ब्लॉग पर टिपण्णी देकर केवल फर्ज न करें, सही जवाब भी देने की भी कोशिश करें, ब्लॉग आपका अपना है, अपनी टिप्पणियों द्वारा अपने अन्य ब्लोगर भाई से चाहे तो हल्का मजाक-मस्ती कर सकते हैं, इसकी छुट है, , इस बात का ख्याल रखें की आपके द्वारा किसी के दिल को ठेस न पहुंचे, प्यार दीजिये, प्यार पाइए, यही इस ब्लॉग का मकसद है, आपका ही स्नेह इस ब्लॉग को शिखर पर ले जा रहा है, मैं आप का अत्यंत आभारी हूँ, धन्यवाद!००००००००००००००००००००००००००००००००००००००दोस्तों,ज्यादा से ज्यादा टिपण्णी करें परसों १,५००/-व १,१००/- के विजेताओं के भाग्य का फैसला होना है, जो सबसे ज्यादा टिपियायेगा वही १,१००/- ले जायेगा !
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ये तो राज भाटिया हैं जी..............
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ReplyDeleteशरद कोकास जी को बधाई .. राज भाटिया जी हैं !!
ReplyDeleteभाई सुरेशजी,
ReplyDeleteजैसे जैसे आपकी कार्टून संख्या 30 के नज़दीक पहुँच रही है वैसे वैसे
मेरे मन में थोड़ी थोड़ी बेईमानी सी जन्म ले रही है और टालमटोल के
कोई ढंग के बहाने ढूंढ़ रही है ।
एक बहाना तो मिल भी गया कुछ दिन टालने का .....
मुझे लगता है कि आपकी गिनती में कुछ लोचा है । ऐसा इसलिए
लगता है कि अभी आपके कुल कार्टून की संख्या हुई है 29 जबकि
इनामी स्पर्धा तो शायद 3-4 दिन बाद शुरू हुई थी .... मैंने आपको
प्रस्ताव भेजा था , आपने विचार किया था, फ़िर आपने घोषणा की थी
और मुझे सत्यापन के लिए कहा था ..यानी इस प्रक्रिया में 4-5 दिन
निकल गए थे....तो मेरा प्रश्न ये है कि स्पर्धा कब से मानी जाए ?
पहले दिन से या जब से मैंने सत्यापित किया तब से...?
लौ ! ढूंढ लिया न बहाना 2-4 दिन टाइम पास करने का ...
अब इस मुद्दे का निर्णय या तो किसी एक से करालो या सब से पूछ लो
........ मर्ज़ी आपकी ..वैसे उड़न तश्तरी और अविनाश वाचस्पति की
सलाह तो ले ही लो ..........हा हा हा हा हा हा हा हा
लो जी खत्री भाई जीत गये...राज भाटिया ही हैं...
ReplyDeleteराज भाटिया जी को नमस्कार
ReplyDeleteपुरस्कार का एकमात्र हकदार तो एक ही व्यक्ति है ---
ReplyDeleteजिसने सबसे ज्यादा बार ब्लोगर को पहचाना ---
ReplyDeleteऔर सही पह्चाना
ReplyDeleteवो है श्रीमान सुरेश शर्मा जी
टिप्पणिया भी सबसे ज्यादा इन्ही की होगी चाहे वे प्रकाशित न हो
ReplyDeleteराज भाटिया जी हैं..शरद कोकास जी को बधाई..
ReplyDeleteमेरी सलाह तो यही है
ReplyDeleteकि नेकी करने में देरी कैसी
आज ही कर लो निर्णय
दो तीन दिन पहले करने से
क्या होगा नुकसान ?
वैसे भी इनाम मिलने में
कई दिन लग जायेंगे श्रीमान
इसलिए जब जागो तभी सवेरा
आज ही उजाला कर दो
।
आज रात के बारह बजे ही
यह घोषणा कर दो कि
कौन कौन विजेता हैं
दो तीन सांत्वना पुरस्कार
500 - 500 रूपये के और दिए जाएं
बेईमानी जन्म लेने की संभावना को
अगली बार जन्म ही ले लेने दिया जाए
यह दण्ड है जो इस बार अलबेला जी की
बेईमानी की सोच के लिए प्रदान किया जाए।
उड़नतश्तरी जी इस पर तुरंत मोहर लगाएं
अलबेला जी के मन में जो फूट रहे हैं अंकुर
उन्हें भरपूर ईमानदारी में बदल कर दिखाएं।
शरद कोकास जी को बधाई
ReplyDeleteसांत्वना पुरस्कार पाने की
भावना को आग तो लगाई।
@ एम वर्मा
ReplyDeleteपुरस्कार का हकदार एक नहीं
दो होने चाहिए थे
एक टिप्पणी प्रदाता
दूसरे पहचानने वाले
तीसरे जिनके चित्र पहचाने गए
चौथा और पांच
अब सांत्वना पुरस्कार होंगे।
जिससे अगली बार अलबेला जी
टालमटोल जैसी लोच के बारे में
न पाएं स्वप्न में भी कभी सोच।
राज को कल तक राज रहने दो
ReplyDeleteपरसों वे राज से राजी हो जाएंगे।
अविनाशजी
ReplyDeleteये तो महिना भी 31 का है ...हा हा हा
अलबेलाजी, आप ने दो-तिन दिन बाद इस पहेली के लिए पुरस्कार का प्रस्ताव भेजा था, जिसे मैंने मान लिया था, उस समय पहेली प्रतियोगिता शुरू हो चुकी थी,जब कोई प्रतियोगिता शुरू होती है तो उसके आंकड़े उसी दिन से जुटने शुरू हो जाते हैं, आप दो-तिन दिन बाद प्रस्ताव लेकर आये तो पहेली दो दिन लेट नहीं हो सकती, हम कदम बढा चुके थे,आप बाद में हम कदम बनें,और जब हमकदम बने हैं तो साथ-साथ चलें, इसी में आपकी और मेरी इज्जत रहेगी, पहेली का हल २ अगस्त को ही घोषित किया जायेगा, आप भी इसी पर सहमती दीजिये ना !
ReplyDelete२अगस्त को २सितम्बर पढ़ा जाए!
ReplyDeleteअविनाश भाई, अलबेलाजी का मन रहा है डोल,
ReplyDeleteरंग में भंग रहें है घोल,
इनकी एक भी चाल ना चल पाए,
समीरजी से लगाम लगवाएं !
हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा !
समीर जी को पूरा सम्मान दिया जाएगा
ReplyDeleteवे जो कहेंगे वही किया जाएगा .........हा हा हा
वैसे अविनाशजी भी हुशियार आदमी हैं
वो ज़रूर मुझे बचायेंगे
क्योंकि वे यारों के यार आदमी हैं ..........हा हा हा
ये मान लिया गया कि
ReplyDeleteराज को राज रहने दो...परिणाम भी एक राज ही है. घोषित होगा तभी उजागर होगा. :)
शरद कोकास जी को बधाई .. राज भाटिया जी हैं.
ReplyDeleteregards
हैं तो ये अपने राज भाटिया जी ही!!!!!!!!
ReplyDeleteभाटिया जी का राज खुल गया आज
ReplyDeleteहा हा हा
राज भाटिया जी
अरे मैने कभी आईना ही नही देखा आप कह रहे है तो ऎसा ही दिखता होऊगां.
ReplyDeleteधन्यवाद